हनुमानजी   शाबर मंत्र

आत्म सुरक्षा हेतु श्री हनुमानजी  शाबर मंत्र

ॐ नमः वज्र का कोठा । जिसमे पिण्ड हमारो पेठा । ईश्वर कुंजी । ब्रह्मा का ताला । मेरे आठो धाम का यति हनुमंत रखवाला ॥

सर्व मनोकामना पूर्ति हेतु श्री हनुमानजी  शाबर मंत्र

ओज्योति स्वरुप प्रभू रामभक्त,  महाशक्ति वीर हनुमान अंजनिपुत्र सीता भक्त महाविष्णु गुरु अचेतमात्र अचेतमात्र नमः नमः नमः  शक्ती दो कृपा मेरी करो शक्ती दो शक्ती दो ॥

शत्रु दमन हेतु श्री हनुमानजी   शाबर मंत्र

हनुमान पहलवान बारह बरस का जवान मुख में बीरा हाथ में कमान लोहे की लाठ वज्र का कीला जहां बैठे तहां हनुमान हठीला बाल रे बाल राखो सीस रे सीस राखो आगे जोगिनि राखो पाछे नरसिंह राखो जो कोइ छल करे कपट करे तिनकी  बुद्धि मति बांधो दुहाई हनुमान वीर की शब्द साचा पिण्ड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा ॥

प्रतिदिन सुबह इस मंत्र का  जाप अवश्य करें : 

आदिदेव नमस्तुभ्यं सप्तसप्ते दिवाकर! त्वं रवे तारय स्वास्मानस्मात्संसार सागरात!!